

(mmmmm-mmmmm) अंधेरा था चारों तरफ़,
कोई राह ना थी
दीयों की रोशनी से तूने सजाई
ज़िंदगी की गली
मंदिर की घंटियाँ बजने लगीं,
मन में जगा विश्वास
भक्तों की प्रार्थना सुनके,
तू आया हमारे पास
तेरी ज्योति से रोशन
मेरा संसार
गणेशा तू ही
मेरा आधार
तेरी ज्योति से रोशन
मेरा संसार
गणेशा तू ही
मेरा आधार
छोड़ के सारे डर को पीछे,
आगे कदम बढ़ाना है
तेरे दिखाए उजले कल की राह पे चलते जाना है
मन को मिली शांति गहरी,
मिट गई हर एक आह
पा लिया जो तुझको बप्पा,
मिल गई
अपनी राह
तेरी ज्योति से रोशन
मेरा संसार
(ओ
गणेशा) गणेशा तू ही
मेरा
आधार
तेरी ज्योति से रोशन
मेरा संसार
(तू ही आधार)
गणेशा तू ही
मेरा
आधार (हूँ-हूँ-हूँ-हूँ)