

आ जा सोणिया,
आँखों के पास,
दिल में छुपा है दर्द ख़ास। क्या-क्या कहूँ,
क्या हाल है मेरा,
तेरे बिना सूना जहाँ है मेरा।
आ जा सोणिया, आँखों के पास,
दिल में छुपा है दर्द ख़ास।
क्या-क्या कहूँ, क्या दर्द सहूँ,
तेरे बिना मैं कैसे रहूँ?
क्या बीती मुझ पर,
तुझे क्या पता,
दिल रोता रहा, कोई न समझा। हर पल ने मुझको तन्हा किया,
आँखों ने बस तुझको ही ढूँढ़ा। मैं टूट गई हूँ,
बिखर गई हूँ,
राहों में अपनी खो गई हूँ। तेरी यादें मुझे
सोने न दें, ये आँसू अब कुछ कहने न दें।
सुन मेरी जान, अब रोना नहीं,
तेरे दर्द से अब जुदा मैं नहीं। तेरी आँखों में आँसू जो
आएँ,
मेरे दिल को भी चैन न आए। समंदर की गहराई नाप सके
कोई, पहाड़ों की ऊँचाई माप सके कोई,
पर कितना तुझे चाहता हूँ मैं,
ये नाप सके, ऐसी दुनिया नहीं।
आ जा सोणिया,
आँखों के पास,
दिल में छुपा है दर्द ख़ास। क्या-क्या कहूँ,
क्या हाल है मेरा,
तेरे बिना सूना जहाँ है मेरा।
आ गया सजना, तेरे ही पास,
अब न रहेगी तन्हाई की रात। तेरा दर्द अब मेरा दर्द है,
तेरी खुशी
मेरी खुशी है। तेरी धड़कन में प्यार हमारा,
तू है मेरी, मैं हूँ तुम्हारा।
इस अंतहीन आसमान
के तले,
मिल गया घर, अब साथ चलें।
मेरे सीने
से लग जा, मेरी जान,
महसूस कर मेरे दिल का अरमान। तेरे आँसू अब
देखे न जाएँ, मेरी बाँहों में तेरे ग़म सो जाएँ। कभी दोस्त
बनकर हँसाऊँ तुझे, कभी साये-सा बचाऊँ तुझे। जो भी सहारा
तुझे चाहिए, मेरे प्यार में तू पा ले वही।
अब न अकेली, अब न उदास,
मिल गया मुझको अपना एहसास। तेरे लिए मेरा दिल है यहाँ,
तुझसे ही रोशन मेरा जहाँ। तेरा दर्द
अब मेरा दर्द है,
तेरी खुशी मेरी खुशी है। तेरी जीत
अब मेरी जीत है,
तेरा प्यार मेरी ज़िंदगी
है।
समंदर से गहरा हमारा प्यार,
पहाड़ों से ऊँचा
अपना ऐतबार। आ
जा सोणिया…
आँखों के पास…
मैं यहीं हूँ… तेरे पास… अब तन्हाई
नहीं… अब दर्द नहीं… तेरा हाथ मेरे हाथ में सही… तेरा
हाथ मेरे हाथ में रहे,
हमारा प्यार हर राह में रहे।