

(hummm) अंधेरा है डगर में,
अकेला हूँ सफ़र में
समझ ना
आए राहें,
क्या लिखा है तक़दीर में
पर तुम तो सब जानते हो,
मेरे मन की ये बातें (हूँ)
तुम्हीं
सहारा,
तुम्ही
किनारा
अब सौंप दी है नैया,
थाम लो ये हाथ हमारा
बप्पा तू
साथ रहे,
डरने की क्या बात रहे
तेरे चरणों में बीते दिन,
तेरी याद में रात रहे बप्पा तू
साथ रहे,
डरने की क्या बात रहे
(बप्पा
मोर्या)
संघर्ष की इस आंधी में,
तुम ही तो लौ जलाते हो
जब भी मैं डगमगाया,
तुम हौसला बढ़ाते हो मेरी दुआएँ,
मेरे ये आँसू,
सब तुमको समर्पित
हैं
बप्पा तू
साथ रहे,
डरने की क्या बात रहे
तेरे चरणों में बीते दिन,
तेरी
याद में रात रहे
(बप्पा
मोर्या)
बप्पा तू साथ रहे,
डरने की क्या बात रहे (बप्पा...)