

(hummmmm) दीप जले
तिरुमला में,
ज्योति जले हर द्वार,
वेंकटेशा
के
नाम से,
रोशन हो संसार।
जय
जय
बालाजी,
जय जय
वेंकटेशा,
तेरे नाम की
रोशनी से,
मिटे
मन का
अँधेरा।
फूल खिले तेरे
आँगन में,
घंटा बजे अपार,
गोविंदा
गोविंदा गूँजे, पावन हो संसार। (गोविंदा
गोविंदा)
आरती की थाली सजा के,
प्रेम से शीश झुकाएँ,
श्रीनिवासा दीन दयाला,
अपनी शरण में लाएँ।
(हाँ, शरण में लाएँ)
दीप जले तिरुमला में,
ज्योति जले हर द्वार,
वेंकटेशा के नाम से,
रोशन
हो संसार।
(गोविंदा, गोविंदा...)