

धन्यवाद हमारे बड़ों को,
जिनसे सीखा जीना सच्चा,
उनकी बातों में है रोशनी,
उनके दिल में है सच्चा रस्ता।
दादी की कहानी में सपना,
दादा की बातों में ज्ञान,
माँ की ममता, पिता का साहस,
सबसे मिलता जीवन का मान।
धन्यवाद हमारे बड़ों को,
जिनसे सीखा जीना सच्चा,
उनकी बातों में है रोशनी,
उनके दिल में है सच्चा रस्ता।
उनके अनुभव हैं दीपक जैसे,
जो राह दिखाएँ हर रात,
हम चलें उनके
पदचिन्हों पर,
यही है हमारी सौगात।
हम गाएँ प्रेम की धुन में,
हर दिन उनका
नाम लें, उनकी दुआओं से जीवन महके,
हर कदम पर ईश्वर को देखें।
धन्यवाद हमारे बड़ों को,
जिनसे सीखा जीना सच्चा,
उनकी बातों में है रोशनी,
उनके दिल में है सच्चा रस्ता।
(धन्यवाद... धन्यवाद...)