

तेरे जाने के बाद,
ये शहर सूना लगता है
हर गली में तेरा ही,
साया ढूँढता रहता हूँ
रातें करवट बदलती हैं,
नींद कहीं खो गई
तेरी यादों की बारिश,
आँखों में सो गई
तू नहीं है,
फिर भी तू है
हर साँस में,
हर दुआ में
मैं अकेला
चलता रहा
तेरे बिना
इस जहाँ में (हूँ...)
वो आख़िरी
मुलाक़ात, अब तक दिल में बाकी है तूने कुछ कहा नहीं,
पर आँखों ने
सब कह दिया
मैंने रोका नहीं तुझको,
ये गलती थी मेरी
अब हर खामोशी में,
तेरी आवाज़ बाकी है
तू
नहीं है,
फिर भी तू है
हर साँस में,
हर दुआ में
मैं अकेला
चलता रहा
तेरे
बिना
इस जहाँ में
लौट आ...
बस एक बार...
(लौट आ...)