

मैया तेरी चरणों में,
शीश झुकाऊँ मैं,
तेरे दर पे आके माँ,
सब कुछ पाऊँ मैं।
लाल चुनरिया ओढ़े,
मैया तू आई है,
तेरी ज्योत ने माँ,
दुनिया जगमगाई है।
(जय माता दी…
जय माता दी…)
नवरात्रि के पावन दिन,
घर-घर दीप जलाएँ,
माँ के नाम की ज्योति जला,
मन के दुख मिटाएँ। ढोल बजे और शंख बजे,
गूँजे जयकारा,
तेरे दर पे जो भी आए,
तू करती उजियारा।
मैया तेरी ममता का,
कोई पार न पाए,
जिसके सिर पर हाथ हो तेरा,
डर उसे क्या सताए। खाली झोली लेकर माँ,
तेरे द्वारे आया हूँ,
अपनी कृपा की छाँव दे माँ,
बस इतना ही चाहा हूँ।
लाल चुनरिया लहराए,
मंदिर सारा सजे,
फूलों की खुशबू से माँ,
तेरे आँगन महके।
घी की ज्योति जलती रहे,
मन में प्रेम जगाए,
तेरा नाम जो प्रेम से ले,
माँ भवसागर तर जाए। (जय जगदम्बे माँ)
दुर्गा माँ तू शक्ति है,
तू ही मेरी आस,
तेरे चरणों में मिलती माँ,
जीवन को विश्वास। जब-जब मन घबराए माँ,
तेरा नाम पुकारूँ,
अँधियारे जीवन में माँ,
तेरा दीप निहारूँ।
मैया तेरी चरणों में,
मेरा संसार है,
तेरी कृपा से माँ,
जीवन में बहार है।
तू ही मेरी माता है,
तू ही मेरा सहारा,
(जय माता दी…
जय माता दी…)
मैया मेरी सुन ले पुकार,
आ गई हूँ तेरे द्वार। चरणों में रख ले
माँ
मुझे, तू
ही
मेरा आधार। (जय
माता दी… जय माता दी…)