

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
शिव शंभो…
शिव शंभो…
हर हर महादेव —
हर हर महादेव मन में जले ज्योति
— हर हर महादेव शिवोऽहम्,
शिवोऽहम् नाद अनंत, शिवोऽहम्
माथे
पे
चाँद, जटाओं में धार तीसरी आँख,
सीधा प्रहार राख से उठता,
फिर बनता आकार काल भी झुके जब बजे डमरू बारंबार कैलाश की
चोटी, दिल में पहाड़ ज़हर को पीकर भी चेहरा दमदार ना डर
का हिसाब, ना जीत का घमंड
अंदर का अंधेरा कर दूँ मैं भस्म साँस में मंत्र,
कदम में ताल शिव की लय में बदलता हाल जो टूटा था
कल, आज बने हथियार भस्म से भविष्य —
यही अवतार
नमः शिवाय शान्ताय
नटराजाय ते नमः
ज्योतिरूपाय
देवाय महादेवाय ते नमः
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः
शिवाय हर हर महादेव हर हर महादेव
शिवं शान्तं,
शिवं सुन्दरम्
अनाहत नादं,
हृदि स्पन्दनम्
ॐ त्र्यम्बकं
यजामहे
डमरू की गूँज में धड़कन मेरी रात के पार ये लौ है
गहरी गंगा सी बहती सोच निरंतर शिव का नाम और दिल बेख़बर
ना सिंहासन, ना सोने का ताज सच की ज़ुबान और आँखों में
राज तीसरी आँख जब भीतर खुले झूठ के महल सब नीचे धँसे
मैंने जो खोया, राख में छोड़ा नए सवेरे से रिश्ता जोड़ा विनाश
नहीं, ये बदलाव का रंग शिव की पुकार पे उठता ये अंग
हर हर महादेव
—
हर हर महादेव
मन में जले ज्योति — हर हर महादेव शिवोऽहम्,
शिवोऽहम् नाद अनंत, शिवोऽहम्
ॐ नमः शिवाय शिव शंभो,
शिव शंभो ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव