

(boom-boom-boom-boom) श्रीगुरु चरन सरोज रज,
निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊँ रघुबर बिमल जसु,
जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके,
सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि विद्या देहु मोहिं,
हरहु कलेस बिकार॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति
निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥ जो सत
बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि
महा सुख होई॥
(जय हनुमान!)
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ तुलसीदास सदा हरी
चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित,
हृदय बसहु सुर भूप॥