

पहले हर दुआ में तुम्हारा ही नाम था
हर खुशी का बस
एक मुकाम था
कहते थे कभी छोड़ के न जाओगे
हर हाल में बस मेरे बन के रह जाओगे
फिर ना जाने क्या हुआ—सब बदल गया
तुमने एक
पल में
रिश्ता तोड़ दिया
और मेरे सारे
ख्वाब बिखर
गए
(बिखर गए)
अफनान, तुम
क्यों बदल
गए?
वादे
सारे
क्यों बिखर
गए? जिस दिल
में
सिर्फ तुम
ही थे
उसी दिल
को तुम
ज़ख्मी
कर गए
आज भी तेरी याद रात को जगा
देती है
हर मुस्कान के पीछे नमी छुपा जाती है
मैंने तो सच्ची मोहब्बत
की थी
शायद वही मेरी गलती थी
तुमने मोहब्बत नहीं, बस मेरा दिल तोड़ा
अगर तुम्हें कभी
मेरी याद आए
तो एक पल को रुककर सोच लेना
जिस दिल को तुमने
तोड़ा था
वो दिल आज भी तुम्हें
बद्दुआ नहीं देता
बस यही
दुआ है
कि तुम
खुश रहो