

(allah) (ya
rasulallah)
मदीने की हवाओं में,
मोहब्बत की बहार आई
नबी की आमद की फिर,
खुशियों की बहार आई
दिलों में नूर भर जाए,
ज़ुबां पर नाम हो उनका
मुहम्मद की
मोहब्बत ही,
हमारी जान हो उनका
दरूदों की सदा गूंजे,
हर एक घर के
आंगन में
सलामों की महक फैले,
मदीने
के गुलिस्तां में (या नबी,
सलाम अलैका)
यतीमों के सहारे हैं,
गरीबों के
मसीहा हैं
जहाँ में सबसे प्यारे हैं,
हमारे मुस्तफा हैं
मिला है हमको जो रस्ता,
नबी की सुन्नतों से है हमारी हर खुशी जुड़ी,
नबी की उल्फतों से है
दरूदों की सदा गूंजे,
हर एक घर के
आंगन में
सलामों की महक फैले,
मदीने
के गुलिस्तां में (या नबी,
सलाम
अलैका)
चलो मिलकर दरूद पढ़ें,
दिलों को पाक
कर लें हम मुहम्मद के सदके में,
खुदा
से प्यार कर लें हम मिलाद की ये खुशी रखे,
हमारे दिल में ईमान नबी की प्यारी सुन्नत पर,
रहे हर दम हमारा ध्यान
(sallallahu alayhi wa sallam)