

(ommm) शबरी के आश्रम में पहुँचे राम
बुज़ुर्ग भक्त ने ढूँढा राम
जंगली
बेर लेकर
खड़ी
चखकर
नहीं देखा, सीधे राम को
अर्पित किया
जय राम,
जय राम
शबरी की भक्ति
अपार
राम ने ग्रहण
किया फल
दया की मूरत,
प्रेम का सागर
(जय सिया राम)
राम ने कहा
शबरी, तूने मुझे पहचाना
तेरी भक्ति
निर्मल है
तुझे मोक्ष मिलेगा
सदा
मेरा
आशीर्वाद
तुझ पर
शबरी
के अश्रु, राम का आशीर्वाद
भक्ति का मिलन, प्रेम का बंधन
राम ने शबरी को
सदा के लिए धन्य किया (राम)