

रावण आया साधु वेश सीता से भिक्षा माँगी
जब
सीता
आगे बढ़ीं
रावण
ने उठा
लिया (हाय)
हाय रे सीता, हाय रे राम
रावण ने हर लिया
धाम
राम-लक्ष्मण
को पुकारा
पर कोई
ना
आया
राम
सीता
ने जबरन
हरण किया
राम
को आवाज
दी
पर राम दूर थे
लंका
गई
सीता,
रावण के
चंगुल
में फंसी (हे राम)
सीता
का हरण, राम का दुख
यही से शुरू
हुआ
युद्ध
राम ने प्रण किया
सीता
को बचाकर
रखेंगे