

पंचवटी में शांत
वन
राम-सीता
का सुखद
जीवन
गोदावरी
के किनारे
बाँसुरी बजती मीठी धुन
जय राम, जय राम
वन में राम का सुखद धाम
सीता संग,
लक्ष्मण
संग
प्रकृति में खिला
राम का रंग (ओह राम,
जय राम)
सीता माला बनाती हैं
लक्ष्मण सेवा
में रहते
ऋषि-मुनियों
से संवाद
राम की यह
वनवास
की रीत
पंचवटी में राम का निवास
सरल जीवन,
सुखद
अहसास प्रकृति में राम-सीता
संग
वनवास का
यह सुन्दर
एहसास (जय सिया
राम)