

गंगा किनारे राम
आए
केवट ने नाव खड़ी की
कहा
प्रभु
मैं डरता
हूँ
चरणों की धूल से नदी पवित्र हो
मेरी
नाव क्यों इसको छूए
जय राम,
जय राम
केवट की भक्ति अपार
राम ने चरण धोए,
नाव पार
प्रेम का
ये निर्मल प्यार
(जय राम, जय राम)
राम ने कहा
तुझको मिलेगा
आशीर्वाद
केवट ने राम को पार कराया
गंगा किनारे ये दृश्य बड़ा भावुक
भक्त ने पहचाना अपने भगवान
केवट की नाव, राम का सफर भक्ति का ये अद्भुत संसार राम
ने कहा तू मेरा भक्त है तुझे मिलेगा मोक्ष का
द्वार