

अयोध्या छोड़ी
राम ने,
सीता-लक्ष्मण संग
नगरवासी
रो रहे
हैं,
राम-राम के
संग
जय राम,
जय राम,
वन को
जाते
राम
माँ
की आँखों में आँसू,
पिता का वचन निभाने
राम
कौशल्या का विलाप,
मैया राम को पुकारें
राम ने कहा माताओं,
मैं यहीं हूँ,
संग तुम्हारे
राम ने ली
विदाई, अयोध्या की सभी से
वन चले राम,
सीता-लक्ष्मण
संग,
धर्म की
राह पे राम (जय सिया राम)