

जनकपुर में
स्वयंवर बड़ा
धनुष शिव का,
रखी शर्त
कोई ना उठा सका
राम ने उठाया,
तोड़ दिखाया
जय राम,
जय सीता,
मिलन दिव्य, अनोखी प्रीता राम ने तोड़ा
शिव धनुष, सीता बनीं राम की सीता (जय सिया राम)
सीता ने माला डाली राम के
गले
दोनों मिले,
प्रेम का
सिलसिला
जनकपुर में खुशियाँ छा गईं
राम-सीता की
जोड़ी बनी
शिव धनुष टूटा,
खुशियाँ
बिखरीं राम-सीता मिले, प्रेम खिला
सारे लोग
गाने लगे जय राम,
जय सीता, जय जनकपुरिया (जय राम,
जय सीता)