

(hahaha) (hehehe) बाल राम नटखट मुस्काया
लक्ष्मण ने पीछा पकड़ाया
भरत-शत्रुघ्न संग दौड़े महल में मस्ती छाई
राम-लक्ष्मण, भरत-शत्रुघ्न
चारों भाइयों का प्यार
खेल-खेल में बीते दिन
ये बचपन दोहराए बार-बार (hooo)
माताओं ने आँखों से देखा
बाल रूप में
ब्रह्मांड बसा
शरारत में भी
उनकी
मुस्कान
सबके मन
में
उतर जाए
राम जी
के बचपन की शरारत
सबको
भाए,
सबको भाए
राम लला
की ये
लीला
बार-बार मन
को भाए (hahaha)