

(hummmmm) (krishna krishna)
जंगल में खेले कान्हा-सुदामा,
पेड़ों पर चढ़े, खाए चने,
एक ही पानी
पीया दोनों ने,
मित्रता की
ऐसी लगन लगी।
तू मेरा दोस्त, मैं तेरा दोस्त,
अमीरी-गरीबी नहीं देखते, तू
गरीब हो या अमीर,
मैं तुझे कभी न भूलूँगा,
ये दोस्ती हम न तोड़ेंगे,
चाहे
कुछ भी हो जाए,
मेरे प्यारे दोस्त, ये वादा
है। (कान्हा-सुदामा)
50 साल बीते,
कान्हा राजा,
सुदामा गरीब,
पत्नी ने कहा
जाओ
मिलो,
महल में पहरेदार रोके,
धक्का दिया,
'ये भिखारी कहाँ' कहा।
दूर से कान्हा
दौड़े आए,
आँखों में आँसू,
गले से
लगाया,
'मेरे
सुदामा,
तू आ गया,
50 साल से
इंतज़ार था,
क्या तुझे
लगा
मैं बदल गया?'
दोस्ती दिल देखती है,
अमीरी-गरीबी
नहीं,
तू मेरा दोस्त, मेरा
सब
कुछ,
आज मिले हम, 50 साल बाद,
ये दोस्ती अमर रहेगी,
मेरे
सुदामा, मैं तुझसे
प्यार करता हूँ। (कान्हा-सुदामा)
सुदामा...
कान्हा... दोस्ती... अमर रहे...
हमेशा...
(ahhhh krishna)