

यमना का पानी
काला हुआ
कदम्ब की डाल से
कान्हा कूदा (हाहाहा)
कालिया नाग, तू क्यों आया कान्हा ने फन पे नाच रचाया (ओहो)
कांपे गोकुल देख ये मंजर (हाए राम)
कान्हा मुस्काए फन के
ऊपर
डरो मत गोकुल, मैं हूँ यहाँ
नाग भी मेरा, नदी भी
मेरी
कालिया नाग, तू क्यों आया कान्हा ने फन पे नाच रचाया डरो
मत गोकुल, मैं
हूँ यहाँ नाग भी मेरा,
नदी
भी मेरी
यमुना
जल अब पावन हुआ
(कृष्णा कृष्णा)