

(ahhhh) भाई… नाम याद रखियो,
गेम अभी शुरू हुई है!
शूटर नहीं बंदूक वाला,
शूटर अपने काम का,
जहाँ खड़ा हो जाऊँ मैं,
चर्चा होवे नाम का। सीना चौड़ा,
आँख में आग,
दिल में अपने यार,
मेहनत से बनाया नाम,
अब दुनिया करे सलाम। (सलाम!)
जेब खाली थी कल तक,
आज सपने करोड़ों के,
रास्ते थे मुश्किल लेकिन,
हौसले थे छोरो के।
लोग बोले “तू ना कर पाए”,
मैंने करके दिखलाया,
गिरा कई बार जिंदगी में,
हर बार उठकर आया।
शूटर नहीं बंदूक वाला,
शूटर अपने काम का,
मेहनत मेरी पहचान है,
नाम नहीं किसी दाम का। अपने दम पे आगे बढ़ता,
किसी का एहसान नहीं,
जो दिल में है बोलूं सीधा,
मेरी कोई पहचान नहीं— मेरी अपनी पहचान है!
यारी मेरी जान है भाई,
धोखा मेरी किताब में ना,
माँ-बाप की दुआ साथ है,
डर किसी का नाम में ना। आज छोटा स्टेज सही है,
कल बड़ा मैदान होगा,
जिसने मुझको कम समझा था,
उसका भी ध्यान होगा।
नाम नहीं चाहिए झूठा,
काम बोले बार-बार,
शूटर वाली सोच है अपनी,
लक्ष्य रहे दमदार। (yeah!)