

हर दिन नई चुनौतियाँ आती हैं,
दिल में तूफ़ान उठते हैं। अंधेरे में भी रोशनी चमकती,
विश्वास से सब सहते हैं।
“एक दिन…
पर्याप्त है।” “परमेश्वर… रास्ता बनाएगा।”
मत लौटो बुरी आदतों में,
मत झुको आसान राह पर। छोटी प्रार्थनाओं में जुड़े रहो,
संगीत और प्रकृति में पा सुकून।
“मत डर…
मत रुक… बस विश्वास रख।”
हर दिन नई चुनौतियाँ,
लेकिन एक दिन ही पर्याप्त है। विश्वास रखो,
दृढ़ रहो,
परमेश्वर
आशीष देगा।
“विश्वास रखो… परमेश्वर रास्ता बना देगा।”