प्रभु जी
तुझको मैं क्या दूं
तू ही
मेरी
सब कुछ है
मेरी जान
महबूब
और सब
है मेरा
तेरे बिना
मैं कुछ भी नहीं हूँ
अंधकार की घाटियों से
जब मैं जा रहा था
तूने मुझे
बचा लिया
तेरी जीवन से
मुझे बाकी
तेरी सांस से
मुझे
नई सांस
दिला दी