जब हम न होंगे तब हमारी
खाक पे तुम रुकोगे चलते चलते
जब हम न होंगे तब हमारी
खाक पे तुम रुकोगे चलते चलते
अश्कों से भीगी चांदनी में एक
सदा सी सुनोगे
चलते चलते
वहीं पे कहीं
वहीं पे कहीं हम
तुमसे मिलेंगे
बनके कली बनके सबा बाग-ए-वफा में
रहे न रहे हम
महका करेंगे
बनके कली बनके सबा
बाग-ए-वफा में रहे न रहे हम