

बहुत मुश्किल
है जीना यहाँ,
घर से दूर, मैं
तन्हा यहाँ।
माँ की याद में
दिल रोता रहा,
फिर भी मैं चुप-चाप चलता
रहा।
अगर कोई खबर
ला दे मुझे,
तो दिल को थोड़ा
चैन मिले।
अगर माँ बीमार हो जाए कहीं,
मुझे बता देना,
मुझे बता देना।
हर राह मुझे
घर याद दिलाए, हर शाम मुझे
और
रुलाए। मैं दूर हूँ,
बहुत दूर यहाँ,
अपनों के बिना,
तन्हा यहाँ。
कभी सपने में
घर लौट आता हूँ,
माँ के पैर छू
कर सो जाता हूँ।
पर आँख खुलते ही समझ आता है,
मैं अभी भी दूर,
बहुत दूर यहाँ。
(तन्हा
यहाँ...)