

बोलो... जय श्रीराम!
जय बजरंग बली!
अयोध्या धाम
से आई है पुकार...
पवनपुत्र हनुमान
की...
जय... जय... जय...!
सरयू किनारे भक्तों का मेला,
हर चेहरे पर भक्ति का मेला। केसरिया रंग,
हाथों में ध्वज, राम-नाम से सज गया नगर। माथे पर सिंदूर सुहाना,
रामदूत का दिव्य ठिकाना। जो भी दिल से नाम पुकारे,
उसके संकट दूर हमारे।
हनुमान अयोध्या में नाचते मिलेंगे,
राम-नाम की धुन में झूमते मिलेंगे। ढोल बजे,
नगाड़े बजे, गूँजे आसमान,
हर दिल से निकले—जय श्रीराम!
सब बोलो:
जय बजरंग!
जय बजरंग! जय-जय बजरंग बली!
जय श्रीराम! जय श्रीराम!
जय-जय श्रीराम जी!
समुद्र लाँघा, लंका जलाई,
रामकाज में शान दिखाई। संजीवनी पर्वत जो लाए,
संकटमोचन कहलाए। जहाँ-जहाँ श्रीराम का धाम,
वहाँ-वहाँ गूँजे उनका नाम। भक्ति,
शक्ति और विश्वास,
बजरंगी हैं सबके पास।
हनुमान अयोध्या में नाचते मिलेंगे,
राम-राम की धुन में झूमते मिलेंगे। डीजे बजे,
ढोल बजे, बजे नगाड़ा,
रामलला का गूँजे जयकारा!
ओ... ओ... ओ... जय हनुमान!
जय हनुमान! जय बजरंग बली!
ओ... ओ... ओ... जय श्रीराम!
जय श्रीराम! जय सियाराम!
हाथ उठाओ... राम का नाम लगाओ!
दिल से बोलो... जय श्रीराम!
ज़ोर से बोलो... जय हनुमान!
सारी दुनिया बोले—जय
बजरंग बली! भय
को छोड़ो, विश्वास जगाओ,
राम का नाम
दिल से गाओ।
जब
भी मुश्किल सामने आए,
हनुमान तुम्हारे साथ नज़र
आएँ।
हनुमान अयोध्या में नाचते मिलेंगे,
राम-नाम की धुन में झूमते मिलेंगे। हर गली में,
हर द्वार पर, जय श्रीराम का होगा स्वर। सब मिलकर बोलो:
जय श्रीराम! जय श्रीराम!
जय श्रीराम! जय श्रीराम!
जय हनुमान! जय हनुमान!
जय हनुमान! जय हनुमान!
जय बजरंग बली! जय
बजरंग
बली! जय बजरंग बली!
जय बजरंग बली! जय सियाराम!
जय सियाराम! जय सियाराम!
जय सियाराम!
राम हैं दिल में,
हनुमान हैं साथ, अयोध्या की जय,
श्रीराम की जय, पवनसुत हनुमान की जय!
जय हनुमान! जय बजरंग बली!
जय श्रीराम! जय श्रीराम!
जय बजरंग बली महाराज की जय!