

हवाई सफ़र में खिड़की से जब मैंने देखा
बादलों ने जैसे तेरा चेहरा ही लिखा
बर्फ़ीले पहाड़ों पर धूप मुस्कुराई
दिल ने तेरी यादों की दुनिया बसाई
नीचे बहती नदियाँ, हरे-भरे मैदान
हर मंज़र में दिखता बस तेरा ही नाम
लगता है ये दुनिया तेरे
रंग में ढली
मेरी हर धड़कन बस तुझसे ही मिली
ये आसमान भी आज अपना-सा लगे
हर उड़ता बादल तेरा पता कहे दूरियों का अब कोई मतलब नहीं
तू है तो हर सफ़र
अधूरा नहीं
बादलों के पार कहीं,
तुम मेरा इंतज़ार हो
हिमालय से ऊँचा मेरा तुमसे प्यार हो
ज़मीं से फ़लक तक बस एक ही अरमान
हर जन्म में बन जाना मेरी पहचान (तुम मेरा
इंतज़ार हो)
सूरज की किरणें तेरी हँसी-सी लगीं
हवा की सरगम तेरी
बातें कह गईं इस सफ़र का सबसे हसीन एहसास तुम
मेरी हर दुआ, मेरी हर
साँस तुम
जब भी बादलों में
कोई रास्ता बने
मेरे हाथों में बस तेरा हाथ रहे
ये सफ़र ख़त्म हो,
मगर प्यार न हो कम
मेरी मंज़िल भी तुम…
मेरा आसमान भी तुम