Yes, महसूस कर
रिंगता हुआ,
अब रहा है जाग उठ पिया,
जाग उठ पिया जाग उठ पिया
जाग उठ पिया
जाग उठ पिया
ज़मीन पे कर दबाव महसूस कर
हड्डी टूट जाए ना हार मान
दिल के अंदर के डब्बी च
बंद लिता अब ये गुस्सा जागता
दबा के रखने रखेगा गैंग के
अंदर फिट पड़ेगा हर सांस आग
बढ़ाए अब मैं और बलंद तुमने
दफन करना चाहा मुझे
अब अपने ही अंजाम से डरो
मैं हूँ आतिश फशा तुम्हारा हर
बंधन तोड़ दो ना जंजीर ना
हद कोई सब कुछ मैंने गल
लो मैं हूँ तकराव रूह तक
हला दो
ना रहम ना वार नंग अब
सब कुछ मेरा
आ जाग उठ आ फाड़ दे
आ जलने दे मुड़ने दे,
बखरने दे आ कोई काबू नहीं
आ खुद को खो आ ज़मीन
हला जंग सुन आवाज़ सुन जलदा
जल चाक भरता गुस्सा आग लहो
कोई पर्दा नहीं दमा टूट अब
इंतज़ार नहीं अब दरंदा जाग गया
हर नफरत बने हर झूठ अंजाम
लिखे कोई फरार नहीं आज मैं
आज़ाद तुमने आग को खुद जलाया
अब कहीं भी छुप ना पाओगे
मैं हूँ आतिश फशा तुम्हारा हर
बंधन तोड़ दो ना जंजीर ना
हद कोई सब कुछ मैंने गल
लो
मैं हूँ तकराव रूह तक हला
दो
ना रहम ना वार नंग अब
सब कुछ मेरा
तुम यही चाहते थे तुमने ही
बनाया अब अंजाम भगतो तोड़
दो तुझे रौंद दो ज़मीन ना
रहम सुन ये शू तोड़ दो
तुझे खींच लो नीचे मैं बनू
अब गाड़ज अंदर सब बबता अब
न रखता मज़ाम बखरता अब फिटता
अंदर तूफ़ा खामोशी ख़त्म मैं खुद
आग मैं खुद शैला
मैं हूँ आतिश फशा तुम्हारा हर
बंधन तोड़ दो ना जंजीर ना
हद कोई सब कुछ मैंने गल
लो मैं हूँ तकराव रूह तक
हला दो
ना रहम ना वार नंग अब
सब कुछ मेरा
आ जाग उठ आ फाड़ दे
आ जलने दे मुड़ने दे,
बखरने दे आ कोई काबू नहीं
आ खुद को खो आ ज़मीन
हला मैं हूँ जंग मैं हूँ
आवाज़ आतिश
फशा
आतिश
फशा