

तेरे नाम से जागे
मेरी हर सुबह
तेरे बिन अधूरी लगे ये दुआ
जब थक कर लौटो
तुम घर की राहों से
मैं बनूँ सुकून तुम्हारी बाँहों में
तेरी हँसी में मेरा
मौसम खिले
तेरे ग़म को मैं चुपके से
पी लूँ
हर
जनम में तेरा साथ माँगूँ
रब से बस ये बात माँगूँ
मेरी साँसों की राहों में सिर्फ़ तेरा ही पता हो
मैं तेरी हूँ,
पूरी की पूरी
बिन शर्त, बिन वजह,
बस
तेरी
तू मेरा घर, तू मेरी मंज़िल
तेरे संग धड़के
ज़िंदगी मेरी
मैं तेरी हूँ, हर पल तेरी
तेरी कमियों से भी मुझको प्यार है
तेरा होना ही मेरा श्रृंगार है
तू लड़खड़ाए तो हाथ मेरा होगा
तेरी जीत में मेरा
संसार होगा
अगर दुनिया रूठे, मैं साथ रहूँगी
तेरी ख़ामोशी भी
मैं पढ़ लूँगी
मेरी माँग की हर दुआ में
तेरा नाम ही सजा है
मैं तेरी हूँ,
पूरी की पूरी
बिन शर्त, बिन वजह,
बस
तेरी
तू मेरा घर,
तू मेरी मंज़िल
तेरे संग धड़के ज़िंदगी मेरी सात जन्म नहीं,
हर
साँस में मैं बस तुम्हारी रहूँ