

रुक मत अभी, रात ढलेगी दिल में छुपी लौ जलेगी जब हर
दिशा ने तुझे ठुकराया
जब अपने ही दर्द बना कर आए
जब टूट के भी तू चुप सा रहा
और दिल ने हर आँसू अंदर छुपाया
याद रख,
ये मौसम भी गुज़र जाएगा
तेरा सच
एक दिन आसमान सजाएगा
ज़ख्मों से उजाला चुन ले
गिर कर भी दोबारा उठ ले
तेरी धड़कन कहती है अब अपना रास्ता खुद लिख ले
उठ जा फिर से,
आसमान बुलाए टूटी हुई राहें भी मंज़िल बनाए
जो तुझे गिरा दे,
उससे ऊपर जा
अपने लिए जी, अपनों का मान बढ़ा
उठ जा फिर से,
हिम्मत को आवाज़ दे दिल में जो सपना है,
उसको परवाज़ दे
धोखे मिले तो पत्थर मत बन
दर्द मिले तो अंदर मत थम
तेरे कदमों में कल की रौशनी है तेरी नीयत में घर की
खुशी है चल इस तरह कि तेरा नाम सुनकर मुस्कुराएँ वो,
जो तुझसे जुड़े हैं दिल भर
तू हार नहीं, एक सीख है तू खत्म नहीं,
बस एक चीख है अब उस चीख को स्वर बना
और अपने डर को असर बना
उठ जा फिर से,
आसमान बुलाए टूटी हुई राहें भी मंज़िल बनाए जो तुझे गिरा दे,
उससे ऊपर जा अपने लिए जी,
अपनों का
मान
बढ़ा उठ जा फिर से,
हिम्मत को आवाज़ दे दिल में जो सपना है,
उसको परवाज़ दे चल,
आज से खुद पे यकीन कर
चल, हर डर को पीछे छोड़ तेरी उड़ान से रोशन होंगे
तेरे अपने, तेरा ये दौर