

बघोरमपुर कलां मुरादाबाद के पास
छोटा
सा एक गाँव सथरी
जहाँ से शुरू हुई ये प्यास (हम्ममम)
पापा का
सपना था
पढ़-लिखकर
नौकरी हो यार पर अरविन्द का दिल
तो करता था वीडियो से प्यार
जब भी उठाता कैमरा,
हँसते थे लोग वहाँ
ताने भी मारते थे,
कैसा ये रास्ता चुना
पर मेहनत रंग लाई एक दिन वो आया यार एक वीडियो वायरल
हुआ,
मिला अनोखा प्यार ग्यारह सौ से शुरू होकर
आज सात हज़ार का परिवार (हाँ सात हज़ार का परिवार)
ये तो बस
शुरुआत है, सपना बहुत बड़ा है भाई
जिसने भी संघर्ष
और सपनों की कीमत है पाई अरविन्द को अपना प्यार
और सपोर्ट तुम देना सदा इस खूबसूरत सफर का हिस्सा
बनो तुम सदा
फॉलो करें और इस प्यारे सफर का हिस्सा बनें
दिल से धन्यवाद
आप सभी का, दिल से धन्यवाद
(ओह्ह्ह धन्यवाद)